मानसून 2026: क्या अल-नीनो बिगाड़ेगा बारिश का खेल? जानिए शुरुआती संकेत।
उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में कड़ाके की सर्दी और शीत लहर का नया दौर शुरू होने वाला है। स्काईमेट वेदर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है और अब बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढ़ने लगी हैं। इसका सीधा असर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में देखने को मिलेगा, जहाँ न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
अगले कुछ दिनों में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण शीत लहर (Cold Wave) चलने की संभावना है। शीतलहर की स्थिति तब बनती है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे हो और सामान्य से लगभग 4.5 से 6 डिग्री कम हो जाए। राजस्थान और हरियाणा के कुछ इलाकों जैसे हिसार में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक भी गिर सकता है। इसके साथ ही इन राज्यों के कई जिलों में पाला (Frost) पड़ने की भी आशंका जताई गई है, जो फसलों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मौसम में एक सकारात्मक बदलाव यह देखने को मिल रहा है कि हवा की गति बढ़ने से दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में कोहरे की तीव्रता कम होगी और प्रदूषण के स्तर में भी सुधार होगा। हालांकि, सुबह के समय घना कोहरा बना रहेगा, लेकिन दिन में धूप निकलने से कड़ाके की दिन वाली सर्दी से थोड़ी राहत मिल सकती है। पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार और झारखंड में भी 4-5 जनवरी से तापमान गिरने का अनुमान है, जिससे वहां भी ठंड का अहसास बढ़ जाएगा।
दक्षिण भारत और अन्य क्षेत्रों की बात करें तो वहां मौसम काफी हद तक साफ रहेगा, हालांकि तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। वीडियो में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) पर भी चर्चा की गई है, जिसमें बताया गया है कि 2025 अब तक का आठवां सबसे गर्म साल रहा है। साथ ही, आगामी मानसून को लेकर शुरुआती संकेत ‘अल नीनो’ (El Niño) के बनने की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसका मानसून पर विपरीत असर पड़ सकता है, हालांकि इस पर सटीक जानकारी जनवरी के दूसरे सप्ताह में आने वाले आधिकारिक पूर्वानुमान से मिलेगी।








